शर्मनाक घटना
दिल्ली में दो दिन पहले जो कुछ हुआ वो सिर्फ दिल्ली के लिए ही नहीं पूरे हिंदुस्तान के लिए डूब मरने का विषय है। एक लड़की के साथ बलात्कार और वोह भी दिल्ली की सड़क पर। ऐसा नहीं है कि उस रात कुछ और ऐसी घटना नहीं घटी होगी, पूरे हिंदुस्तान मैं कहीं न कहीं ऐसी कई वार्दातौं को अंजाम दिया गया होगा, लेकिन अफ़सोस की सभी घटनाएँ खबर नहीं बनती। लेकिन हमें सोचना होगा ऐसा हो क्योँ रहा है। हरियाणा में पिछले दिनौं बच्चों से बलात्कार, फिर न जाने दिल्ली में तोह सुरक्षा जैसे हो ही न। असल में समाज से दर अब धीरे धीरे ख़त्म हो रहा है। मैं ये नहीं कहता की डर डर कर जीना ठीक है, पैर किसी भी ग़लत काम को अंजाम देने के बाद उसके परिणामों का डर। रहा ही नहीं है। मैंने अपनी स्तातक की पढाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से की है, और जिन लोगौं ने दिल्ली के नार्थ कैंपस मैं पढाई की है, उन्हें बहुत अच्छे से पता है की वहां लडकियौं के लिए ये फब्तियां सुन्ना कितनी आम बात है। शाम को और वोह भी सर्दी की शाम को वहां घूमना तक मेह्फूस नहीं। जब मैं पढता था तो मेरी कई बार कहासुनी हुई मनचलो से जो हमारे साथ कड़ी लड़की पैर सीटी मार कर कुछ भी ब...